Sunday, 30 December 2018

नमस्ते धर्मशाला से ग्रामीण पर्यटन को लगेंगे पंख

ग्रामीण पर्यटन को विकसित करने और बेरोजगार युवाओं को स्वयं सहायता समूह के माध्य्म से रोजगार पैदा करने के लिए धर्मशाला ब्लॉक ने अनोखी पहल की है। विश्व भर से पर्यटन नगरी पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए अब विकास खंड धर्मशाला ने एक दिन में धर्मशाला दर्शन करवाने के लिए योजना तैयार की है। धर्मशाला में ग्रामीण पर्यटन को विकसित करने वाली इस योजना को सरकार ने नमस्ते धर्मशाला का नाम दिया है। धर्मशाला दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 1300 रुपए भाड़ा निर्धारित किया है। जिसमें धर्मशाला के 11 पर्यटन स्थलों पर  वाहन के जरिए पहुंचाया जाएगा, जिसके बाद सभी पर्यटकों को उक्त जगहों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया जाएगा। नमस्ते  धर्मशाला योजना के तहत पर्यटकों को सनराइज प्वाइंट इंदू्रनाग, इसके बाद पर्यटकों को खनियारा के चाय के बागानों में घुमाया जाएगा। इसी तरह शिव के प्राचीन मंदिर अघंजर महादेव, तिबेतन मठ्ठ नोरबुलिंगा, गाईतो मठ्ठ में घुमाया जाएगा। पर्यटकों को दोपहर के खाने में कांगड़ी धाम परोसी जाएगी। दोपहर के भोजन के बाद पर्यटकों को तपोवन में स्थित बेहतरीन खूबसूरत चीड़ के जगलों में घुमाया जाएगा। पर्यटकों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की खूबसूरती भी दिखाई जाएगी। इसके बाद धर्मशाला के चिलगाड़ी स्थित चाय के बाग पर्यटकों को दिखाए जाएंगे, कांगड़ा कला संग्रहालय और अंतिम पड़ाव सन सेट प्वाइंट सतोवरी में होगा। सतोबरी में ही पर्यटकों को सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा, सांस्कृतिक कार्यक्रम में पर्यटकों को पहाड़ी कल्चर से अवगत भी करवाया जाएगा। इस एकदिवसीय ट्रिप में पर्यटकों की सभी जगह पर टिकट सरकार की ओर से रहेगी। धर्मशाला ब्लॉक की इस नई मुहिम से धर्मशाला के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में भीड़ भी घटेगी और साथ ही धर्मशाला के कई पर्यटन स्थलों को नई पहचान भी मिलेगी। नमस्ते धर्मशाला में सरकार ने अधिकतर उन जगहों का चुनाव किया है, जिसमें बेहतरीन पर्यटन स्थल है, लेकिन वह किसी कारण प्रसिद्ध नहीं हो सके हैं। इस योजना के तहत धर्मशाला के पर्यटन को पंख तो लगेंगे ही,साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं को भी रोजगार मिलेगा। 
क्या कहते है बीडीओ अभिनीत कात्ययान
खंड विकास अधिकारी, धर्मशाला अभिनीत कात्ययान ने बताया कि धर्मशाला ब्लॉक ने एक पहल की है, जिसको नमस्ते धर्मशाला का नाम दिया गया है। इसमें धर्मशाला के अनछुए पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के लिए एक पैकेज तैयार किया है। इसमें 1300 रुपए भाड़ा निर्धारित किया है, जिसमें पर्यटकों को गाड़ी, दोपहर का खाना और सांस्कृतिक संध्या दिखाई जाएगी।

मुकेश अंबानी के ड्राइवरों व नौकरों की सैलरी जानकर हैरान हो जाएंगे आप

मुकेश अंबानी
विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में शुमार भारत के व्यापारी मुकेश अंबानी के बारे में आपने बहुत सुना होगा,लेकिन उनके नौकरों व ड्राइवरों की सेेलरी सुुन केेर आप भी हैरान हो जायेंगे। मुुकेेश अंबानी का दुुनिया का सबसे महंगा घर है। मुकेश के घर में सात मेंबर है और उनके पास करीब 600 के करीब नौकर हैं। मुकेश अंबानी अपने घर के लिए नौकर एजेंसी से हायर करते हैं। उनके यहाँ काम करने वाले नौकर पढ़े लिखे होते हैं। उनके यहां नौकरी करने के लिए ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट भी आवेदन करते हैं। मुकेश अंबानी अपने नौकरों को कम से कम पचास हजार वेतन देते हैं। इतना ही नहीं मुकेश के घर में नौकरों की तनखाह प्रतिमाह अढ़ाई लाख तक है।
              
धीरूभाई अंबानी
  गौरतलब है कि धीरूभाई अंबानी के बेटे मुकेश अंबानी एक ऐसा नाम है जिन्होंने लगातर मेहनत अपने नाम का लोहा मनवाया है। मुकेश अंबानी की गिनती देश ही नहीं बल्कि पूरी विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों में की जाती है। मुकेश अंबानी के पास हेलीकॉप्टर होने के साथ ही 500 से भी अधिक गाड़ियां है। मुकेश के घर के पांच फ्लोर पार्किंग के लिए प्रयोग किए जाते हैं। उनके घर में जिम, शॉपिंग मॉल, योगा रूम, डांस स्टूडियो, हेयर सैलून, स्विमिंग पूल, स्पा, सिनेमा हाल सहित तीन हेलिपैड हैं। मुकेश अंबानी के घर में एक भी एयर कंडीशनर नहीं लगा है। बिना एयर कंडीशनर के ही घर ठंडा रहता है।

Saturday, 29 December 2018

हिमाचल में खुलेंगे तीन अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्कूल

केंद्र सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश से मंगवाए नाम, शर्तें भी बताई 

सैनिक स्कूल सुजानपुर
केंद्र सरकार की स्पोर्ट्स स्कूल बनाने की योजना के तहत हिमाचल प्रदेश से संबंधित एजेंसी ने तीन स्कूलों को चिन्हित कर रिपोर्ट केंद्र सरकार ने भेजी है। हिमाचल के तीन स्कूलों में ज़िला हमीरपुर के सैनिक स्कूल सुजानपुर, जिला शिमला के मिलिट्री स्कूल चायल और जिला सोलन के आर्मी स्कूल डगशाई का नाम शामिल है। देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार पहले चरण में देश के 20 स्कूलों को स्पोर्ट्स स्कूल के रूप में विकसित करेगी। इसके बाद आगामी चार सालों में देश भर के 150 स्कूलों में यह सुविधा प्रदान की जाएगी।
आर्मी पब्लिक स्कूल डगशाई
 स्पोर्ट्स स्कूल में दो या तीन खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान की जाएगी, ताकि बेहतर शिक्षा के साथ प्रतिभावान बच्चों को जीवन की शिक्षा मैदान में भी दी जा सके। देश भर में खेल मंत्रालय ने भारतीय खेल प्राधिकरण को स्कूलों का खाका तैयार करने का जिम्मा सौंपा है। खेल विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रोजेक्ट की सबसे बेहतरीन बात यह है कि केंद्र सरकार नए स्कूल खोलने के बजाय पूरी तरह विकसित स्कूलों को ही इसमें चयन कर रही है। यह प्रोजेक्ट मात्र उन्हीं स्कूलों को चिन्हित किया गया है, जिनमें होस्टल सुविधा है और शिक्षा के क्षेत्र में भी बेहतरीन रिजल्ट स्कूल दे रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार खिलाडि़यों के लिए मैदान और किताब दोनों ही आवश्यक हैं। खेल के मैदान में भी जीवन की शिक्षा है। केंद्र सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में भारत को शीर्ष पर रखने के लिए प्लान कर रहा है। केंद्र सरकार के  खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने 2024 में पेरिस ओलंपिक और 2028 के लंदन ओलंपिक में शीर्ष पर रहने के लिए मैप तैयार किया है। इसके साथ ही खेल मंत्री ने सार्वजनिक मंच से बयान दिया है कि भारत में शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा फेरबदल होने वाला है। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूली बच्चों का पाठ्यक्रम भी 50 फीसदी तक कम कर दिया जाएगा और बच्चों को खेल किताबों में भी पढ़ाया जाएगा और मैदान पर प्रेक्टिकल करवाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में 10-12 साल के बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण और सुविधाएं प्रदान की जाएगी।
मिलिट्री स्कूल चायल
एजेंसी ने इन स्कूलों के भेजे नाम
 हमीरपुर का सैनिक स्कूल सुजानपुर
 शिमला का मिलिट्री स्कूल चायल
 सोलन जिला का आर्मी स्कूल डगशाई

ब्रेकिंग:- कांगड़ा की सीमाओं को चोरी छुपे लांघने पर केस दर्ज

प्रदेश के सबसे बड़े ज़िला कांगड़ा की तहसील परागपुर के पुलिस थाना रक्कड़ के तहत आने वाले बन्नी गाँव के एक व्यक्ति पर चोरी छिपे लुधिया...