हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी को वीरवार को नया अध्यक्ष मिल गया है। कांग्रेस हाईकमान ने कुलदीप राठौर को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी है। अखिल भरतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव ने इसकी आधिकारिक घोषणा की है। पिछले काफी समय से सुखविंदर सिंह सुक्खू और वीरभद्र सिंह के बीच अन वन चल रही थी, वीरभद्र किसी भी सार्वजनिक मंच से पूर्व अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू का विरोध करते हुए गुरेज नहीं करते थे। लेकिन पिछले सप्ताह वीरभद्र सिंह व सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोलन में एक ही मंच पर बैठकर वार्तालाप की थी। अब कांग्रेस हाई कमान ने सुखविंदर सिंह सुक्खू को हटाकर पेशे से वकील व वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुलदीप राठौर के नाम पर मोहर लगा दी है। कांग्रेस में चल रही अंतर कला भी इस नियुक्ति के बाद समाप्त हो जाएगी। साथ ही वीरभद्र खेमा भी नई ऊर्जा के साथ लोकसभा चुनावों के लिए मैदान में उतरेगा। माना यह जाता है कि वीरभद्र सिंह व कुलदीप राठौर के रिश्ते पूर्व में अच्छे नहीं रहे हैं लेकिन वर्तमान में वीरभद्र सिंह ने राठौर के नाम पर सहमति जताई थी। कुलदीप राठौर ठियोग के रहने वाले हैं। राठौर को पूर्व में विद्या स्टोक्स के सबसे करीबियों के रूप में जाना जाता था। राठौर कॉलेज में से ही एनएसयूआई के साथ जुड़कर संगठन के लिए कार्य कर रहे हैं।इतना ही नहीं राठौर कई बाहरी राज्यों में भी संगठन के लिए काम कर चुके हैं। वर्तमान में राठौर हाई कोर्ट शिमला में बकालत करने के साथ कांग्रेस प्रदेश सचिव का कार्यभार देखते है।
वीरवार को राजधानी दिल्ली में देशभर के कांग्रेस अध्यक्षों के उपाध्यक्षो की बैठक एके एंटनी की अगुवाई में आयोजित की गई। जिसमें यह अहम फैसला किया गया। बता दे कि सुखविंदर सिंह सुक्खू 2016 में अपना कार्यकाल पूरा कर चुके थे। इसी बैठक के बाद ये खबर आ रही है। इस बैठक में सुखु भी दिल्ली में मौजूद रहे।
ये भी थे अध्यक्ष की दौड़ में
राठौर के अलावा पंजाब कांग्रेस प्रभारी व विधायक डलहौजी आशा कुमारी, शिलाई के विधायक हर्षवर्धन चौहान का नाम भी चल रहा था लेकिन कांग्रेस हाई कमान ने कुलदीप राठौर के नाम पर मोहर लगाई है।
राठौर आनंद शर्मा के माने जाते है करीबी
कुलदीप राठौर छात्र राजनीति से ही संगठन में कार्य कर रहे है। राठौर छात्र राजनीति से ही आनंद शर्मा के करीबी रहे है।
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